बिजी
शेड्यूल के चलते अक्सर आप अपने खान-पान का ख्याल नहीं रख पाते है। जिसके
कारण शरीर को कई तरह की परेशानीयो का सामना करना पड़ता है। खान-पान का ठीक
से ख्याल न रखने पर मानसिक तनाव, अनिंद्रा, कमजोरी जैसी समस्याएं हो जाती
है। ऐसे में आप इनसे छुटकारा पाने के लिए विशेषज्ञों के द्वारा अपनाई गई
क्रिस्टल थेरेपी को यूज कर सकते है।
1. क्रिस्टल का उपयोग
यह क्रिस्टल हीट कंडक्ट करते है, जिससे शरीर में ऊर्जा पैदा होती है। थेरेपी करने के लिए आपको पारदर्शी पत्थरों या ट्रांसपेरेंट क्रिस्टल की जरुरत पड़ेगी। इन पत्थरों को शरीर के दर्द वाले हिस्से पर घुमाने से दर्द जल्दी गायब हो जाता है। शारीरिक दर्द के अलावा इससे ऐंठन, जकड़न व मानसिक तनाव की समस्या भी दूर हो जाती है।
2. सर दर्द का कारण
ज्यादातर सिर दर्द तनाव, मन व शरीर की थकावट, अपर्याप्त नींद, अत्यधिक शोर, जरूरत से ज्यादा सोचने के कारण होती है। इसे दूर करने के लिए आप नीलम, एम्बर या फ़िरोज़ा क्रिस्टल को सर पर रखें। इससे सिर दर्द मिनटों में ठीक हो जाएगा।
ज्यादातर सिर दर्द तनाव, मन व शरीर की थकावट, अपर्याप्त नींद, अत्यधिक शोर, जरूरत से ज्यादा सोचने के कारण होती है। इसे दूर करने के लिए आप नीलम, एम्बर या फ़िरोज़ा क्रिस्टल को सर पर रखें। इससे सिर दर्द मिनटों में ठीक हो जाएगा।
3. नींद पूरी न होना
एक अच्छी नींद दिमाग को तरोताजा करने और शरीर के दूसरे अंगों को आराम देने के लिए बहुत जरूरी है। क्रिस पेरेज रोज क्वार्ट्ज, सिट्रीन या नीलम जैसे क्रिस्टल को अपने तकिए के नीचे रखने से आपका मन शांत होगा और आप आराम अपनी नींद पूरी कर सकते है।
एक अच्छी नींद दिमाग को तरोताजा करने और शरीर के दूसरे अंगों को आराम देने के लिए बहुत जरूरी है। क्रिस पेरेज रोज क्वार्ट्ज, सिट्रीन या नीलम जैसे क्रिस्टल को अपने तकिए के नीचे रखने से आपका मन शांत होगा और आप आराम अपनी नींद पूरी कर सकते है।
4. कमजोरी
इन क्रिस्टलों के अंदर रसायन-खनिज होने से शरीर को उर्जा मिलती है। रोजाना 15-20 मिनट मुंह उपर करके इसे पकड़ने से शरीर में ऊर्जा का तुरंत प्रसार होता है। जिससे कमजोरी जैसी समस्याएं दूर होती है। इसके लिए डीप रेड गार्नेट, गोल्डन एम्बर या गोल्डन-पीला पुखराज क्रिस्टल का इस्तेमाल करना चाहिए।
इन क्रिस्टलों के अंदर रसायन-खनिज होने से शरीर को उर्जा मिलती है। रोजाना 15-20 मिनट मुंह उपर करके इसे पकड़ने से शरीर में ऊर्जा का तुरंत प्रसार होता है। जिससे कमजोरी जैसी समस्याएं दूर होती है। इसके लिए डीप रेड गार्नेट, गोल्डन एम्बर या गोल्डन-पीला पुखराज क्रिस्टल का इस्तेमाल करना चाहिए।
5. संतुलित करना
क्रिस्टल हीलिंग करते समय जब आप क्रिस्टल को शरीर पर रखते हैं तब कुछ क्रिस्टल शरीर पर बहुत भारी, हल्के, गरम और ठंडे महसूस होते है। जिससे पता चलता है कि शरीर के किस हिस्से में कितना असुंतलन है और उसे किस तरह से संतुलित किया जाए।
क्रिस्टल हीलिंग करते समय जब आप क्रिस्टल को शरीर पर रखते हैं तब कुछ क्रिस्टल शरीर पर बहुत भारी, हल्के, गरम और ठंडे महसूस होते है। जिससे पता चलता है कि शरीर के किस हिस्से में कितना असुंतलन है और उसे किस तरह से संतुलित किया जाए।