विचार कमरे तक सीमित ना रहें, वो देश के लिए हों: 200 यंग CEO से बोले मोदी

नरेंद्र मोदी मंगलवार को नीति आयोग के चैम्पियन्स ऑफ चेंज प्रोग्राम के तहत 200 से ज्यादा सीईओ से मिले।
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    मोदी ने मंगलवार को सीईओ के एक प्रोग्राम में स्पीच दी।
    नरेंद्र मोदी मंगलवार को नीति आयोग के चैम्पियन्स ऑफ चेंज प्रोग्राम के तहत 200 से ज्यादा सीईओ से मिले। इस प्रोग्राम में उन्होंने सीईओ के साथ एक्सपोर्ट, टूरिज्म, पॉलिसीज, डेवलपमेंट, ब्लैकमनी और डिजिटल इंडिया जैसे विषय पर बात की। मोदी ने कहा, "आज देश में नजरिया बदलने की जरूरत है। विचार कमरे तक सीमित नहीं रहने चाहिए और ये देश के लिए होने चाहिए। इसी से मिशन 2022 का सपना पूरा होगा।" उन्होंने कहा- " मैं स्वभाव से चीजों को टुकड़ों में नहीं करता। आज मैं एक चीज कहूंगा तो लोगों को आसानी से नहीं पता चलेगा कि मोदी यहां से कहां उठाकर ले जाएगा। मैं कह रहा था डिक्लेयर करिए पैसे, नहीं किया और 8 नवंबर आ गई।" इस मौके पर पीएम ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया की तारीफ की। मोदी की स्पीच की 10 अहम बातें...
    1) डेवलपमेंट को हम मास मूवमेंट नहीं बना पाए
    - नरेंद्र मोदी ने कहा- "आजादी के बाद डेवलपमेंट को हम मास मूवमेंट नहीं बना पाए। हमें देश को यहां ले जाना है और हम ये करके रहेंगे। अगर डॉक्टर के मन में ये भावना हो कि न्यूट्रिशन की समस्या खत्म करने के लिए, चाइल्ड हेल्थकेयर के लिए हम ये करेंगे। अगर ये भाव पैदा हो तो कौन कहता है कि देश में बदलाव नहीं आ सकता।"
    - "सरकार सिर्फ एजेंट के रूप में काम करती रहेगी और देश अपने आप आगे बढ़ जाएगा। 2022 के आजाद भारत के लिए हम आज से कोशिश करेंगे। मुझे आप लोगों की जरूरत है कि आप जहां हैं, वहां से एक आधुनिक भारत के सैनिक बन सकते हैं। विश्व के अंदर सामर्थ्यवान भारत के सैनिक बन सकते हैं। मिल बैठकर जब हम एक-एक चीज को हाथ लगाएंगे तो रास्ते मिलेंगे। हमें लगेगा कि मैं ये करूंगा और रास्ता निकालूंगा।"
    2) देश को आगे ले जाने के लिए आपका साथ मुझे चाहिए
    -मोदी ने कहा- "मेरे लिए आप मेरी टीम हैं। देश को आगे ले जाने के लिए आपका साथ मुझे चाहिए। आप और मैं कंधे से कंधा मिलाकर काम करें। आपकी सोच मेरी योजना का हिस्सा मिले और मेरी सोच आपके पुरुषार्थ का आधार बन जाए। आप देखिए कैसा बदलाव आता है।"
    - "एग्रीकल्चर सेक्टर को लीजिए, जो देश कृषि प्रधान हो और आत्मा गांव हो, गांधी जी की पूरी चर्चा गांव से जुड़ी हुई हो और ऐसा देश टिम्बर इम्पोर्ट करता हो। मुझे ये बताइए कि इसके पीछे वजह क्या है। क्या किसान की आबादी डबल करने के लिए सरकार में कानून बदले जा सकते हैं।"
    3) हमें नजरिया बदलना होगा
    - मोदी ने कहा- "डिमोनेटाइजेशन के बाद टीवी ने बैंकों के बाहर लगी लाइनें दिखाईं, पर उन्होंने कभी यूरिया के लिए लगी किसानों की लाइन को नहीं दिखाया। ये समस्याओं को देखने का नजरिया बताता है। - "यूरिया खेत में कम कैमिकल इंडस्ट्री में ज्यादा जाता था। हमने यूरिया की नीम कोटिंग कर दी, इसके बाद वो सिवाय जमीन में डालने के और किसी काम नहीं आ सकता था। चोरी बंद हो गई। आज देश में कहीं यूरिया के लिए कमी नहीं है।"
    4) मैं कह रहा था डिक्लेयर करिए पैसे,नहीं किया तो 8 नवंबर आ गई
    - मोदी ने कहा- "मैं स्वभाव से चीजों को टुकड़ों में नहीं करता। आज मैं एक चीज कहूंगा तो लोगों को आसानी से नहीं पता चलेगा कि मोदी यहां से कहां उठाकर ले जाएगा। मैं कह रहा था डिक्लेयर करिए पैसे, नहीं किया और 8 नवंबर आ गई। कोई भी बात टुकड़ों में नहीं करता, इस बात के बाद ये आएगा तय रहता है।"
    - "हम डिजिटल इंडिया की तरफ जाना चाहते हैं। ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पर काम चल रहा है। 360 गांवों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पहुंचा था 3 साल के भीतर हम लाखों में पहुंच चुके हैं। कैशलेस सोसाइटी की तरफ जाना चाहते हैं।"
    - "आपकी कंपनी इस दिशा में देश को ले जाने के लिए एक काम करे। हमारा पूरा कारोबार, इम्प्लॉई का कारोबार डिजिटल होगा। भीम ऐप डाउनलोड करो और कैश ट्रांजैक्शन बंद करो। देश की सेवा होगी। ये भागीदारी हम कैसे करेंगे।"
    5) दीवाली के गिफ्ट गरीब के घर का दिया जलाएं
    - "हम ऐसे गिफ्ट देने की आदत बनाएंगे, जिसकी वजह से गरीब के घर में दिया जले। आप लोगों को दीवाली में परचेजिंग कूपन देते हैं। आप खादी का कूपन दे दीजिए, गिफ्ट पैकेट में खादी दे दीजिए। अगर आपके पास 50 फैब्रिक है तो एक खादी भी हो सकता है। हमारे सारे कारोबार में मैं एक ऐसी चीज जोड़ रहा हूं, जिसकी वजह से गरीब पर ध्यान जा रहा है। इसके लिए क्वालिटी कॉम्प्रमाइज, सुख से समझौता करने को नहीं कह रहा हूं।"
    6) GEM से 1000 करोड़ का कारोबार हुआ
    - "सरकार में अगर कुछ खरीद करना है, तो कागजी कार्रवाई कितनी होती थी। हमारे देश में कुछ ट्रांस्पैरेंसी होती थी। बेईमानी के बारे में सबको पता है। छोटा इंसान अपने प्रोडक्ट को सप्लाई क्यों नहीं कर सकता। हमने GEM बनाया। इस पोर्टल पर सरकार के सभी डिपार्टमेंट अपनी रिक्वायरमेंट उस पर लिखते हैं। सप्लायर कोई भी हो, स्टैंडर्ड, क्वालिटी की डिटेल देता है। नियम है कि क्वालिटी से समझौता किए बिना सस्ता प्रोडक्ट लेना है, कोई टेंडर नहीं होगा। 4-6 महीने हुए हैं इस प्रयोग को। 1000 करोड़ रुपए का सरकारी परचेज इस GEM के जरिए हुआ। सप्लायर 28000 थे। छोटे-छोटे लोगों ने अपनी चीजें पहुंचाईं। यही पहले हुआ होता तो पेमेंट 1700 करोड़ की होती और सामान क्या आया होता, ये भगवान ही मालिक है।"
    7) लगता नहीं कि इंडिया में हैं, इससे टूरिज्म नहीं बढ़ेगा
    "आपके साथ प्रेजेंटेशन में टूरिज्म की बात आई। इस फील्ड में सबसे बड़ी समस्या कौन है। सवाल चौंकाने वाला है। मैंने बच्चों से कहा कि हैश टैग से उन जगहों के फोटो भेजिए, जहां आप गए। लाखों फोटो मेरे पास हैं। ऐसे प्राकृतिक दृश्य हैं, जिन्हें देखा ही नहीं गया। कोई अच्छी जगह जब हम देखते हैं तो पहली बात जो निकलती है, वो ये कि लगता नहीं कि हम लोग हिंदुस्तान में हैं। अगर हम अपनी चीजों पर गर्व ना करें तो मोहल्ले वाले कैसे करेंगी। आपके पास बायर्स सेलर्स आते होंगे। आपमें कितने लोग हैं, जिन्होंने कहा कि आप 3 दिन ज्यादा ठहरिए इस जगह पर घूमकर आएं। फियर ऑफ अननोन होता है टूरिस्ट के दिमाग में। लेकिन, जिस दिन कोई कहे कि मैं वहां गया था फिर टूरिस्ट सोचता नहीं वो चल देता है। फार्मेसी वाले डॉक्टर्स को विशेष टूर कराते हैं। उन्हें सिंगापुर और विदेशों की सैर कराएंगे। उन्हें अपने देश में घुमाइए। हम हमारी विरासत से दुनिया को परिचित कराएं।"
    8) कच्छ के रण को टूरिस्ट डेस्टिनेशन बना दिया
    - "जब मैं राजनीति में नहीं था तो जंगलों में भटकता था। कछ का व्हाइट रण देखा तो मेरे मन में विचार कौंधा था। मैं जब सीएम बना तो मैंने कहा कि रण को टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाऊंगा। कभी आप रणोत्सव में जाइए। आप उसके सौंदर्य की कल्पना नहीं कर सकते हैं। आजकल वहां जाने के लिए बुकिंग में भी परेशानी होती है। कई लोग अपनी बोर्ड मीटिंग भी रणोत्सव से जोड़ देते हैं। उसकी वजह से कछ का हैंडीक्राफ्ट और दूसरा मार्केट खड़ा हो गया।"
    9) टूरिज्म का सवाल पहले मुर्गी या अंडे जैसा
    - मोदी बोले," ये टूरिज्म ऐसा है कि पहले मुर्गी कि पहले अंडा। टूरिस्ट आएंगे तो टूरिज्म डेवलप होगा या टूरिस्ट डेस्टिनेशन की वजह से टूरिस्ट आएंगे। हिमाचल में एक जगह है, जहां टूरिस्ट नहीं आते थे। मैंने कहा कि स्कूल जो टूर पर आती हैं तो उसका यहां आना निश्चित कर दीजिए। बसें आने लगीं तो पानी-चाय नाश्ते वाले जुटने लगे। धीरे-धीरे वो टूरिस्ट स्पॉट बन गया। मैं मानता हूं कि सरकार से ज्यादा टूरिज्म टेम्प्रामेंट डेवलप करके हम टूरिज्म को बढ़ाएं। चारधाम, 12ज्योतिर्लिंग सर्किट सिस्टम का हिस्सा थे। टूरिज्म में बहुत ताकत है। हम अपने आपको जोड़ें तो ये बढ़ेगा।"
    10) ग्लोबल बायर्स से विचार शेयर करें
    - "कोशिश ये है कि विचार कमरे तक सीमित ना रहें। आप अपने सेलर-बायर्स से विचारों को बांटें। आप मिलकर ये सोचें कि देश के बारे में हम भी कुछ करेंगे। हमारे देश मेें नए इन्टरप्रिन्योर्स कैसे तैयार हों इस दिशा में काम कर सकते हैं। नागपुर में एक नौजवान ने एक छोटा सा काम किया। वेस्ट को खरीदा और गोबर खरीदा। छोटे-छोटे ब्लॉक बना दिए। फ्यूनरल के लिए वो ब्लॉक बेचता है। टोटल रिक्वायरमेंट से 20% कम होती है, वक्त कम लगता है, लकड़ी की खपत कम होती है। हम चीजों को बढ़ावा कैसे दें। हम ग्लोबल रिक्वायरमेंट वाले प्रोडक्ट की ओर जाना चाहते हैं। देश की तकलीफों का हल निकालने वाला प्रोडक्ट देने लगेंगे जिस दिन, उस दिन एक बहुत बड़े मार्केट को कैप्चर कर सकते हैं और ग्लोबल मार्केट को भी टक्कर दे सकते हैं। क्या 2022 को मैं 5 चीजें इम्पोर्ट करने से देश को बचाऊंगा, ये लक्ष्य नहीं तय कर सकते।"
    मोदी ने की पनगढ़िया की तारीफ
    - मोदी ने कहा, "नीति आयोग के वाइस प्रेसिडेंट अरविंद पनगढ़िया का भी मैं धन्यवाद अदा करना चाहता हूं। वे 45 साल अमेरिका में रहे। कभी हिंदुस्तान आने के लिए नहीं सोचा। मेरी उनसे दोस्ती थी। मैंने कहा कि आपने बहुत कमा लिया, कुछ समय दे दीजिए। मेरे एक शब्द पर 3 साल उन्होंने नीति आयोग को चलाया और बढ़ाया। पहले के प्लानिंग कमीशन से आमूलचूल बदलाव कर दिया। वो वापस अमेरिका जा रहे हैं, लेकिन आज भी वो उसी लगन से बात कर रहे हैं। हमारे देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं है और इन्हीं लोगों के भरोसे 2022 का सपना लेकर चले हैं। अरविंद जी को धन्यवाद उन्होंने उत्तम काम किया और देश उनके योगदान को कभी नहीं भूलेगा। ये प्रोग्राम जो है, उसके पीछे भी वही हैं। वो बोलते कम हैं, खुद को पीछे लगते हैं, लेकिन अच्छा काम करते हैं।"