मुजफ्फरनगर ट्रेन हादसा मामले में रेलवे ने बड़ी कार्रवाई की है. जूनियर इंजीनियर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, सीनियर डिवीजन इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं उत्तर रेलवे के चीफ ट्रक इंजीनियर का तबादला किया गया है. जबकि डीआरएम दिल्ली, GM उत्तर रेलवे और रेलवे बोर्ड के मेंबर इंजीनियरिंग को छुट्टी पर भेज दिया गया है.
बता दें कि मुजफ्फरनगर में खतौली में कल
कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. रेलवे ने आज एबीपी
न्यूज़ की खबर पर मुहर लगाते हुए कहा कि रेलवे ट्रैक पर मरम्मत का काम चल
रहा था. रेलवे ने बताया कि इस हादसे में 20 लोग मारे गए हैं, जबकि 22 गंभीर
रुप से घायल हैं. कुल घायलों की संख्या 92 है जिनका इलाज मुजफ्फरनगर, मेरठ
और हरिद्वार के अस्पताल में चल रहा है.
इस रेल हादसे के पीछे रेलवे की लापरवाही
सामने आई है. ABP न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि ट्रेन को मरम्मत वाली
ट्रैक से गुजरने दिया गया. इस हादसे के बाद अब रेलवे ने भी एबीपी न्यूज़ की
पड़ताल पर मुहर लगा दी. रेलवे ने आज कहा कि रेल की पटरी पर मरम्मत का काम
चल रहा था जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है.
रेलवे बोर्ड के सदस्य एम जमशेद ने प्रेस
कॉन्फ्रेंस कहा, ‘’ट्रैक पर जो भी काम चल रहा था, उसकी जांच की जा रही है.
इस मामले में जीआरपी ने भी एफआईआर दर्ज कर ली है.’’ उन्होंने बताया, ‘’इस
मामले में जो भी दोषी हैं उनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’’
एम जमशेद ने कहा, ”हादसे की रिपोर्ट शाम तक आ जाएगी और रात 10 बजे तक ट्रैफिक सामान्य हो जाएगा.’’
बता दें कि कल जब एबीपी न्यूज़ ने हादसे
की पड़ताल की थी तो कई ऐसे सबूत एबीपी न्यूज़ के हाथ लगे थे जिनसे साबित
हुआ कि रेल ट्रैक पर मरम्मत का काम चल रहा था और उसी ट्रैक पर ट्रेन तेजी
से आई गई, जिसके बाद ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए. एबीपी न्यूज़ को
हादसे वाली जगह से बड़ा हथौड़ा, रिंच, पाना और पेचकस भी मिले थे. ये सारे
औजार रेलवे के ही थे. जो काम के दौरान वहां पड़े हुए थे.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में खतौली में कल कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए.