भूख सूचकांक: राहुल गांधी- स्मृति ईरानी में ट्विटर पर छिड़ी जंग

Tweet war between Smriti Irani and Rahul Gandhi on global hunger index

इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएफपीआरआई) के मुताबिक और 119 देशों के वैश्विक भूख सूचकांक में भारत 100वें पायदान पर है. इसको लेकर आज कांग्रेस और बीजेपी आपस में भिड़ गई. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ट्विटर पर एक पोस्ट किया. इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी उसी लहजे में राहुल के ट्वीट का जवाब दिया.
दरअसल राहुल गांधी ने मशहूर शायर दुष्यंत कुमार के एक शेर का जिक्र करते हुए लिखा है, ‘’भूख है तो सब्र कर, रोटी नहीं तो क्या हुआ.. आजकल दिल्ली में है जेरे-बहस ये मुद्दआ.’’ इस ट्वीट के जवाब में स्मृति ईरानी ने लिखा, ”ऐ सत्ता की भूख-सब्र कर, आंकड़े साथ नहीं तो क्या…खुदगर्जों को जमा कर, मुल्क की बदनामी का शोर तो मचा ही लेंगे.’’

बता दें कि आईएफपीआरआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों में कुपोषण (मेल न्यूट्रीशन) की उच्च दर से देश में भूख का स्तर इतना गंभीर है कि पिछले साल भारत इस इंडेक्स में 97वें स्थान पर था और अब 100वें स्थान पर है. यानी इस साल वर्ल्ड हंगर इंडेक्स में भारत और 3 स्थान पीछे चला गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत चीन (29), नेपाल (72), म्यामांर (77), श्रीलंका (84) और बांग्लादेश (88) से भी पीछे है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान क्रमश: 106वें और 107वें स्थान पर हैं.

क्या है ग्लोबल हंगर इंडेक्स?
दुनिया के देशों में लोगों को खाने की चीज़ें कैसी और कितनी मिलती हैं?, ग्लोबल हंगर इंडेक्स इसे दिखाने का माध्यम है. हर साल नए आंकड़ों, नए डेटा कलेक्शन के आधार पर ही ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ की लिस्ट निकाली जाती है. इस इंडेक्स में दिखाया जाता है कि दुनिया भर में भूख के खिलाफ चल रही देशों की लड़ाई में कौनसा देश कितना सफल और कितना असफल रहा है.

साल 2006 में सबसे पहले वेल्ट हंगरलाइफ नाम के जर्मनी के स्वयंसेवी ऑर्गेनाइजेशन ने ग्लोबल हंगर इंडेक्स जारी किया था, इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के तहत ये काम किया जाता है.