अमेरिकी नौसेना ने शुक्रवार को बताया कि
अमेरिका और साउथ कोरिया अगले हफ्ते से एक बड़े नौसैनिक अभ्यास की शुरुआत
करेंगे. यह अभ्यास नॉर्थ कोरिया के परमाणु और मिसाइल परीक्षणों के खिलाफ
अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए किया जाएगा.
नॉर्थ कोरिया के हथियार कार्यक्रमों के
कारण पिछले कुछ महीनों में तनाव काफी बढ़ गया है. अमेरिका के प्रतिबंधों की
परवाह नहीं करते हुए प्योंगयांग ने कई मिसाइलों को लॉन्च किया. इसके तहत
उसने अपने छठे और सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण को अंजाम दिया. अमेरिका ने
तब से क्षेत्र में अपने दो करीबी देशों, साउथ कोरिया और जापान के साथ
सैन्य अभ्यास को बढ़ा दिया है.
एक बयान में अमेरिका के सातवें फ्लीट ने
कहा कि इस अभ्यास में साउथ कोरिया के नौसैनिक जहाजों के साथ यूएसएस रोनाल्ड
रेगन लड़ाकू विमान वाहक और दो अमेरिकी विध्वंसक शामिल किए जाएंगे. बयान
में कहा गया कि 16 अक्तूबर से 26 अक्तूबर तक जापान के सागर और पीला सागर
में होने वाला यह अभ्यास, ‘संचार, पारस्परिकता और साझेदारी’ को बढ़ावा
देंगे.
यह कदम नॉर्थ कोरिया को नाराज कर सकता है
जिसने कुछ समय पहले किसी आगामी संयुक्त सैनिक अभ्यास के खिलाफ चेतावनी दी
थी. सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए की खबर के मुताबिक, “ अगर अमेरिकी
साम्राज्यवादी और उनकी कठपुतली जापान, हमें परमाणु युद्ध के लिए भड़काते
हैं तो इसका परिणाम केवल उनका खात्मा होगा.”
मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया
के परमाणु और मिसाइल परीक्षण का जवाब देने के लिए अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा
टीम के साथ कई विकल्पों पर चर्चा की थी.