दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों तक पहुंचने
में यात्रियों को चार घंटे तक का समय लग जाता है। जबकि इतने से भी कम समय
में किसी एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली से आगरा तक सफर तय किया जा सकता है।
वजह है दिल्ली में जाम का झाम लेकिन जल्द ही आपको ट्रैफिक की इन
अव्यवस्थाओं से छुटकारा मिल सकता है। सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में
ये सफर मात्र 15 से 20 मिनट में पूरा किया जा सकता है। इसके लिए केंद्र
सरकार राजधानी दिल्ली में एयर टैक्सी की व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं
पर विचार कर रही है।
संभावनाएं तलाशने के लिए तत्काल काम शुरू
दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पंजीकृत वाहनों की संख्या 25 मई तक 1 करोड़ से भी ज्यादा पहुंच गई है। इसके चलते राजधानी में एक किमी का सफर भी तय करने में आधा घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। एेसे में केंद्र सरकार दिल्ली हवाई अड्डे से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विभिन्न इलाकों के लिए एयर टैक्सी सेवा शुरू करने पर विचार कर रही है। नागरिक उड्डयन सचिव राजीव नयन चौबे ने सरकारी हेलिकॉप्टर सेवा कंपनी पवनहंस लिमिटेड द्वारा शनिवार को रोहिणी हेलिपोर्ट पर आयोजित पहले ‘हेलि एक्सपो इंडिया’ के शुभारंभ के मौके पर यह बात कही है।
दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पंजीकृत वाहनों की संख्या 25 मई तक 1 करोड़ से भी ज्यादा पहुंच गई है। इसके चलते राजधानी में एक किमी का सफर भी तय करने में आधा घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। एेसे में केंद्र सरकार दिल्ली हवाई अड्डे से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विभिन्न इलाकों के लिए एयर टैक्सी सेवा शुरू करने पर विचार कर रही है। नागरिक उड्डयन सचिव राजीव नयन चौबे ने सरकारी हेलिकॉप्टर सेवा कंपनी पवनहंस लिमिटेड द्वारा शनिवार को रोहिणी हेलिपोर्ट पर आयोजित पहले ‘हेलि एक्सपो इंडिया’ के शुभारंभ के मौके पर यह बात कही है।
हेलि एक्सपो में एयर टैक्स के लिए एक होगा सत्र
उन्होंने बताया कि दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने वाले या उड़ान पकडऩे के लिए वहाँ जाने वाले कई यात्री समय की बचत को देखते हुये खुशी-खुशी एयर टैक्सी सेवा के लिए पैसा खर्च कर सकते हैं। उन्होंने कहा, हमने दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को इस संबंध में संभावना तलाशने का काम तत्काल शुरू करने के लिए कहा है। पवनहंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीपी शर्मा ने बताया कि नोएडा से दिल्ली हवाई अड्डा पहुँचने में दो घंटे, रोहिणी से डेढ़ घंटे और मानेसर-गुडग़ाँव से भी डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। उन्होंने कहा कि एक्सपो के दौरान एक तकनीकी सत्र एयर टैक्सी पर ही रखा गया है। इसमें इस बात पर मंथन होगा कि एयर टैक्सी सेवा किस प्रकार शुरू की जा सकती है। इसके बाद जो भी निष्कर्ष निकलेगा उसे नागर विमानन मंत्रालय के समक्ष रखा जायेगा।
उन्होंने बताया कि दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने वाले या उड़ान पकडऩे के लिए वहाँ जाने वाले कई यात्री समय की बचत को देखते हुये खुशी-खुशी एयर टैक्सी सेवा के लिए पैसा खर्च कर सकते हैं। उन्होंने कहा, हमने दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को इस संबंध में संभावना तलाशने का काम तत्काल शुरू करने के लिए कहा है। पवनहंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीपी शर्मा ने बताया कि नोएडा से दिल्ली हवाई अड्डा पहुँचने में दो घंटे, रोहिणी से डेढ़ घंटे और मानेसर-गुडग़ाँव से भी डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। उन्होंने कहा कि एक्सपो के दौरान एक तकनीकी सत्र एयर टैक्सी पर ही रखा गया है। इसमें इस बात पर मंथन होगा कि एयर टैक्सी सेवा किस प्रकार शुरू की जा सकती है। इसके बाद जो भी निष्कर्ष निकलेगा उसे नागर विमानन मंत्रालय के समक्ष रखा जायेगा।
ज्यादा रोटेशन वाली जगहों की होगी पहचान
इस सेवा के लिए डायल और विमानपत्तन प्राधिकरण उन इलाकों की पहचान करेंगे जहाँ से ज्यादा संख्या में यात्री हवाई अड्डे पर आते-जाते हैं ताकि एयर टैक्सी सेवा यात्रियों के लिए बहुत ज्यादा महंगी और संचालक कंपनियों के लिए घाटे का सौदा साबित न हो। साथ ही उन इलाकों में हेलिपैड बनाने के लिए जगह की पहचान भी की जायेगी।
इस सेवा के लिए डायल और विमानपत्तन प्राधिकरण उन इलाकों की पहचान करेंगे जहाँ से ज्यादा संख्या में यात्री हवाई अड्डे पर आते-जाते हैं ताकि एयर टैक्सी सेवा यात्रियों के लिए बहुत ज्यादा महंगी और संचालक कंपनियों के लिए घाटे का सौदा साबित न हो। साथ ही उन इलाकों में हेलिपैड बनाने के लिए जगह की पहचान भी की जायेगी।
दिल्ली की ट्रैफिक में वाहनों की संख्या पर एक नजर :-
कुल वाहन : 1,05,67,712
चार पहिया वाहन : 31,72,842
दो पहिया वाहन : 66,48,730
माल वाहक : 2,25,438
मोटर कैब : 1,18,424
मोपेड : 1,16,092
यात्री तीन पहिया : 1,06,082
माल वाहक तीन पहिया : 68,692
बस : 35,332
ई-रिक्शा : 31,555
मैक्सी कैब : 30,207
कुल वाहन : 1,05,67,712
चार पहिया वाहन : 31,72,842
दो पहिया वाहन : 66,48,730
माल वाहक : 2,25,438
मोटर कैब : 1,18,424
मोपेड : 1,16,092
यात्री तीन पहिया : 1,06,082
माल वाहक तीन पहिया : 68,692
बस : 35,332
ई-रिक्शा : 31,555
मैक्सी कैब : 30,207