सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सेना के पहले कमांडर इन चीफ फील्ड मार्शल
केएम करिअप्पा को भारत रत्न दिए जाने की मांग की है। 1899 में जन्मे जनरल
करियप्पा 1947 में स्वतंत्रता के बाद भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ
थे।
उन्होंने शुक्रवार को मराठा लाइट इन्फैंट्री की 23वीं और 24वीं बटालियन को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि फील्ड मार्शल केएम करिअप्पा के नाम की सिफारिश भारत रत्न के लिए की जाए। अगर अन्य लोग इसे (भारत रत्न) प्राप्त कर सकते हैं, तो मुझे कोई कारण नहीं दिखता है कि फील्ड मार्शल के एम करिप्पा को इसके लिए योग्य व्यक्ति नहीं होना चाहिए।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से भी इन्कार किया। सेना प्रमुख ने कहा कि जब कभी इस तरह की शिकायतें मिली हैं, हमने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और चीन से लगती सीमा पर बेहतर निगरानी के लिए अब आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने शुक्रवार को मराठा लाइट इन्फैंट्री की 23वीं और 24वीं बटालियन को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि फील्ड मार्शल केएम करिअप्पा के नाम की सिफारिश भारत रत्न के लिए की जाए। अगर अन्य लोग इसे (भारत रत्न) प्राप्त कर सकते हैं, तो मुझे कोई कारण नहीं दिखता है कि फील्ड मार्शल के एम करिप्पा को इसके लिए योग्य व्यक्ति नहीं होना चाहिए।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से भी इन्कार किया। सेना प्रमुख ने कहा कि जब कभी इस तरह की शिकायतें मिली हैं, हमने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और चीन से लगती सीमा पर बेहतर निगरानी के लिए अब आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा।