वर्ल्ड इंडिया फूड फेस्ट के दौरान दिल्ली के इंडिया गेट पर शनिवार को
1100 किलो खिचड़ी तैयार कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में पचास
खानसामा जुटे हुए हैं। इस फेस्ट में 70 देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे
हैं। जाने-माने शेफ संजीव कपूर द्वारा बनाई जा रही इस खिचड़ी को निर्धन
बच्चों में बांटा जाएगा। इस समारोह में देश की खाद्य प्रसंस्करण और इससे
संबंधित क्षेत्रों की क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा।
रामदेव लगाएंगे इस खिचड़ी में तड़का
इस खिचड़ी में योग गुरु रामदेव तड़का लगाकर ब्रैंड इंडिया फूड को प्रमोट करेंगे। एक हजार किलो खिचड़ी बनने के बाद इसे वहां मौजूद लोगों के बीच बांटा जाएगा। इसमें 40 हजार एनजीओ के बच्चे, विदेश से प्रतिनिधि और कई अन्य लोग शामिल हैं। इसके लिए एक हजार लीटर क्षमता वाली एक विशाल कड़ाही का इस्तेमाल किया जाएगा, जो सात फीट चौड़ी होगी। इसे बनाने में वह 50 लोगों की मदद लेंगे।
इस खिचड़ी में योग गुरु रामदेव तड़का लगाकर ब्रैंड इंडिया फूड को प्रमोट करेंगे। एक हजार किलो खिचड़ी बनने के बाद इसे वहां मौजूद लोगों के बीच बांटा जाएगा। इसमें 40 हजार एनजीओ के बच्चे, विदेश से प्रतिनिधि और कई अन्य लोग शामिल हैं। इसके लिए एक हजार लीटर क्षमता वाली एक विशाल कड़ाही का इस्तेमाल किया जाएगा, जो सात फीट चौड़ी होगी। इसे बनाने में वह 50 लोगों की मदद लेंगे।
सोशल मीडिया पर खिचड़ी राष्ट्रीय व्यंजन घोषित
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा रही कि पारंपरिक डिश खिचड़ी को राष्ट्रीय व्यंजन घोषित कर दिया गया है। मामला इतना बढ़ गया कि केंद्रीय खाद्य मंत्री हरसिमरत कौर बादल को खुद सफाई देनी पड़ी। हरसिमरत कौर ने कहा कि खिचड़ी को सिर्फ वर्ल्ड फूड इंडिया इवेंट के लिए सिलेक्ट किया गया है ताकि उसको और मशहूर किया जा सके।

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा रही कि पारंपरिक डिश खिचड़ी को राष्ट्रीय व्यंजन घोषित कर दिया गया है। मामला इतना बढ़ गया कि केंद्रीय खाद्य मंत्री हरसिमरत कौर बादल को खुद सफाई देनी पड़ी। हरसिमरत कौर ने कहा कि खिचड़ी को सिर्फ वर्ल्ड फूड इंडिया इवेंट के लिए सिलेक्ट किया गया है ताकि उसको और मशहूर किया जा सके।
पुरी मंदिर में बनाई जाती है कम से कम पांच प्रकार की खिचड़ी
लेखों के मुताबिक 12वीं सदी से पुरी मंदिर में कम से कम पांच प्रकार की खेचुड़ी पकाई जाती है। खिचड़ी के इन पांच प्रकारों में टाटा खेचुड़ी, नुखुरा खेचुड़ी, तैला खेचुड़ी, साना खेचुड़ी और मजुरि खेचुड़ी शामिल हैं। मिश्रा ने बताया कि भगवान को प्रतिदिन कई प्रकार की खेचुड़ी परोसी जाती है। माना जाता है कि कणिका खेचुड़ी, जिसे मीठी खिचड़ी भी कहा जाता है, भगवान जगन्नाथ की पसंदीदा खिचड़ी है। इसमें चावल को दालचीनी, लौंग, तेज पत्ता, इलायची, मूंगफली, काजू, किशमिश और एक चुटकी हल्दी के साथ पकाया जाता है। इस खिचड़ी में मसालों के इस्तेमाल से यह खुशबूदार हो जाती है।
लेखों के मुताबिक 12वीं सदी से पुरी मंदिर में कम से कम पांच प्रकार की खेचुड़ी पकाई जाती है। खिचड़ी के इन पांच प्रकारों में टाटा खेचुड़ी, नुखुरा खेचुड़ी, तैला खेचुड़ी, साना खेचुड़ी और मजुरि खेचुड़ी शामिल हैं। मिश्रा ने बताया कि भगवान को प्रतिदिन कई प्रकार की खेचुड़ी परोसी जाती है। माना जाता है कि कणिका खेचुड़ी, जिसे मीठी खिचड़ी भी कहा जाता है, भगवान जगन्नाथ की पसंदीदा खिचड़ी है। इसमें चावल को दालचीनी, लौंग, तेज पत्ता, इलायची, मूंगफली, काजू, किशमिश और एक चुटकी हल्दी के साथ पकाया जाता है। इस खिचड़ी में मसालों के इस्तेमाल से यह खुशबूदार हो जाती है।