प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
और ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसनल बोल्किया के बीच गुरुवार को हुई
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा समेत कई
क्षेत्रों में सहयोग पर बातचीत की।
ब्रुनेई
दारुस्सलाम के साथ संबंधों को मजबूती प्रदान करते हुए विदेश मंत्रालय के
प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट करके कहा कि मोदी और बोल्किया के बीच ‘रक्षा व
सुरक्षा, ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), शिक्षा,
स्वास्थ्य व अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग को लेकर सकारात्मक बातचीत’ हुई।
ब्रुनेई के आर्थिक योजना व विकास विभाग के मुताबिक, भारत और ब्रुनेई के बीच 2016-17 में 50.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर का व्यापार हुआ।
प्रमुख
अंतर्राष्ट्रीय मसलों पर भारत और ब्रुनेई की धारणाओं में बहुत हद तक
समानता रही है। ब्रुनेई भारत के ‘एक्ट ईस्ट पालिसी’ का समर्थक रहा है और यह
10 सदस्यीय दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संघ आसियान के साथ भारत के
साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने व सहयोग को मजबूत करने का पक्षधर है। इससे पहले
मोदी ने थाईलैंड और सिंगापुर के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा और ली
हसियेन लूंग के साथ द्विपक्षीय बातचीत की।
बोल्किया यहां बुधवार को पहुंचे। वह भारत और आसियान
के बीच वार्ता साझेदारी के 25 साल होने पर आयोजित स्मरणीय सम्मेलन
(कमेमोरिटव समिट) में हिस्सा लेने आए हैं। सम्मलेन में ब्रुनेई के अलावा
आसियान के अन्य सदस्य कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार,
फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतना के राष्ट्राध्यक्ष भी हिस्सा ले रहे
हैं।
बोल्किया समेत आसियान देशों के
प्रमुख शुक्रवार को गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत
करेंगे। गौरतलब है कि पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह में एक साथ 10 देशों के
राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रहेंगे।