इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने मंगलवार को पाकिस्तान की कुलभूषण जाधव केस को
स्थगित करने की मांग को खारिज कर दिया। ICJ में भारतीय नागरिक कुलभूषण
जाधव की रिहाई के मामले में आज पाकिस्तान ने अपना पक्ष रखा। सोमवार को भारत
ने इस मामले में अपना पक्ष रखा और कहा कि एक निर्दोष भारतीय को अपनी
जिंदगी के अहम साल पाक की जेल में बिताने पड़ रहे हैं।
पाकिस्तान की तरफ से अड-हॉक जज को लेकर की गई आपत्ति पर आईसीजे ने कहा
कि इसे दर्ज कर लिया गया है और निकट भविष्य में इस पर जवाब दिया जाएगा।
भारत के आरोपों के जवाब में पाकिस्तान के वकील ने अपना पक्ष रखा। पाक के
अटॉर्नी जनरल ने अपनी दलीलों की शुरूआत झूठ से की और जाधव को ही नहीं,
बल्कि भारत पर भी आतंक प्रायोजक होने का आरोप लगाया। पाक अटॉर्नी जनरल अनवर
मंसूर खान ने कहा, ‘मैं खुद भारतीय क्रूरता का शिकार रहा हूं। एक युवा
आर्मी ऑफिसर के तौर पर मैं भारत की जेल में बंद था। पाकिस्तान के आर्मी
स्कूल में हुए आतंकी हमले में 140 मासूमों की जान गई थी। यह भारत समर्थित
अफगानिस्तान का किया आतंकी हमला था।
जाधव को फिर आतंकी बताया
पाकिस्तान की दलील, ‘जाधव बहुत से स्थानीय लोगों के संपर्क में था और
उसने कई को राज्य विरोधी ताकतों को सूइसाइड बॉम्बर बनने के लिए तैयार किया
था ताकि पाकिस्तान में आतंक फैलाया जा सके। चीन-पाकिस्तान कॉरिडोर को भी
प्रभावित करने की कोशिश की गई, जो पाकिस्तान की प्रगति का अहम हिस्सा है।
यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं है। यह पूरी तरह से राज्य प्रायोजित है।’
भारत पर पाकिस्तान की समस्याओं का दोष मढ़ा
पाकिस्तान ने अपनी दलील में दावा किया कि 1947 से भारत की तरफ से
पाकिस्तान में अशांति फैलाने की कोशिश हो रही है। हमने मानवता के आधार पर
परिवार को जाधव से मिलने की अनुमति दी, लेकिन भारत की तरफ से कभी ऐसी कोई
मानवीयता आज तक नहीं दिखाई गई है। भारत के जेल में बंद पाकिस्तानियों के
लिए कब भारत ने ऐसी रहमदिली दिखाई?
ऐसी उम्मीद है कि ICJ का फैसला इस साल गर्मियों तक आ सकता है। बता दें
कि कल पाकिस्तान की तरफ से केस की सुनवाई को टालने का अनुरोध किया गया था,
लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। आज सुनवाई शुरू होने से पहले कोर्ट में
जजों ने पूछा कि क्या वह बहस के लिए तैयार है? इसके बाद पाक एजी ने हामी
भरी और बहस शुरू की गई।