कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार विश्वास मत हार चुकी है। अगली
सरकार बीजेपी की बनना तय है। मगर उस सरकार के लिए भी स्थायित्व और गर्वनेंस
दोनों ही बड़ी चुनौती होंगे। यही वजह है कि कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीएस
येदियुरप्पा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने के लिए दिल्ली आ
रहे हैं। उनकी और अमित शाह की मुलाकात में कर्नाटक की भावी सरकार की
रूपरेखा तय हो जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक बीएस येदियुरप्पा की नई कैबिनेट में दागी चेहरों को
बाहर रखा जाएगा। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का इस बात पर जोर है
कि किसी भी सूरत में कामचलाऊ सरकार होने का मैसेज नहीं जाना चाहिए, बल्कि
एक मजबूत और परिणाम देने वाली सरकार निकलकर सामने आनी चाहिए। कर्नाटक
दक्षिण का वो पहला राज्य होगा, बीजेपी जहां सरकार बनाने जा रही है। चूंकि
इस सरकार का भविष्य कर्नाटक में आगामी उपचुनाव के नतीजे तय करेंगे इसलिए भी
राष्ट्रीय नेतृत्व का इस बात पर जोर है कि जनता के बीच मजबूत सरकार होने
का मैसेज जरूर जाना चाहिए।
जेडीएस-कांग्रेस के जिन 15 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, उन सभी
सीटों पर उपचुनाव होंगे। बीजेपी उसी स्थिति में मजबूत हालत में होगी जब वह
225 सदस्यीय विधानसभा में 113 का आंकड़ा पार कर जाती है। बीजेपी के सभी 105
विधायक आज येदियुरप्पा को अपना नेता चुनेंगे और फिर राज्यपाल के पास जाकर
नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
कर्नाटक में विधानसभा की कुल 225 सीट हैं। इनमें से 224 चुने हुए और एक
मनोनीत विधायक शामिल हैं। 15 विधायकों के इस्तीफे के बाद ये संख्या 210 आ
चुकी है। ऐसे में 106 की संख्या बहुमत के लिए पर्याप्त होगी। बीजेपी दो
निर्दलीयों के जरिए आसानी से इस आंकड़े को पा जाएगी।