कांग्रेस ने ऐलान किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में यदि वो जीतकर केंद्र
में सरकार बनाती है तो वो तीन तलाक कानून को खत्म कर देगी। कांग्रेस
अल्पसंख्यक सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में महिला
कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा, ‘हमारी सरकार बनेगी तो हम तीन तलाक
कानून खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा कि ये कानून मुस्लिम पुरुषों को जेल में
भेजने की साजिश है।
सुष्मिता देव ने कहा कि कांग्रेस एक बार में तीन तलाक देने के खिलाफ है,
लेकिन इसके खिलाफ बने का कानून का वह समर्थन नहीं करती। जानकारी के लिए
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त, 2017 को एक बार में तीन तलाक को
असंवैधानिक घोषित किया था। कोर्ट ने कहा था कि इस तरीके से दिए गए तलाक को
कानूनी रूप से तलाक नहीं माना जाएगा, हालांकि इस फैसले में महिलाओं के
अधिकारों की रक्षा के संबंध में कोई गाइडलाइन तय नहीं किये गए थे।
कोर्ट ने निर्देश दिया था कि केंद्र सरकार इस संबंध में बिल तैयार करे
और संसद में उसे पास करवाकर कानून बनाए। पिछले साल मानसून सत्र में
राज्यसभा में बिल पास करवाने में असफलता के बाद केंद्र सरकार इस मुद्दे पर
अध्यादेश लेकर आई, हालांकि अध्यादेश के जरिए बनाया गया कानून छह महीने के
अंदर अवैध हो जाता है, हालांकि सरकार शीतकालीन सत्र में इस बिल को पास नहीं
करवा पाई।
तो वहीं विपक्ष का मानना है कि शादी दो वयस्कों के बीच एक सामाजिक
कॉन्ट्रैक्ट है, इसलिए तलाक से जुड़े मसलों का समाधान भी सामाजिक ही होना
चाहिए। विपक्ष का कहना है कि इस मुद्दे का अपराधिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
एक और चिंता ये है कि यदि कानून पास होता हो तो पति आरोपी होगा और उसे जेल
भेज दिया जाएगा। वह जेल जाता है तो भी पत्नी की मर्जी के खिलाफ दोनों का
सेपरेशन हो जाएगा. जबकि हो सकता है कि पत्नी तलाक नहीं चाहती हो।