लोकसभा में गुरुवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण
पर धन्यवाद देने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने विपक्ष के हर आरोपों का जवाब
दिया। उन्होंने कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा
कि विपक्ष का काम है विरोध करना, मोदी की बुराई की जानी चाहिए लेकिन
मोदी-बीजेपी की आलोचना करते-करते लोग देश की बुराई करने लग जाते हैं।
आक्रामक तेवर अपनाते हुए पीएम ने कहा, ‘हममें से किसी को भी देश की बुराई
करने वाली बातें नहीं करनी चाहिए।’
पीएम ने कहा कि लंदन में झूठी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आप देश की कौन सी
इज्जत बढ़ा रहे थे? मोदी ने आगे कहा कि अच्छा है…मैं अपनी मर्यादा में
रहूं। उन्होंने कहा, ‘आज खड़गे जी बता रहे थे कि मोदी जी जो बात पब्लिक में
बोलते हैं, वही बात राष्ट्रपति जी बोल रहे थे।’ पीएम ने चुटीले अंदाज में
कहा कि सच बोलने वाले बाहर और अंदर एक ही बात बोलते हैं। इससे आपने मान भी
लिया कि पीएम और राष्ट्रपति सच बोलते हैं। आपकी तो झूठ सुनने की आदत हो गई
है।
पीएम मोदी पर विपक्ष संस्थाओं को बर्बाद करने का आरोप लगाता रहा है। इस
पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, ‘कहा जा रहा है कि मोदी संस्थाओं को
बर्बाद कर रहा है। एक कहावत है- उल्टा चोर कोतवाल को डाटे।’
पीएम ने आगे कहा कि चुनाव आयोग दुनिया में हमारे गौरव का केंद्र है।
छोटी-मोटी शिकायत के बाद भी पार्टियां उसके हिसाब से चल रही हैं, लेकिन आप
अपनी विफलता ईवीएम पर फोड़ रहे हैं। पीएम ने कहा, ‘आप इतने डरे हुए
हैं…आपको क्या हो गया है? न्यायपालिका को कांग्रेस धमकाती है, पहले कभी
नहीं हुआ। हमें पसंद न हो इसलिए कुछ भी बुला दें। महाभियोग के नाम पर पूरी
व्यवस्था को हिलाने की कोशिश की गई और आप हम पर सवाल उठा रहे हैं।’
पीएम ने याद दिलाते हुए कहा, ‘कांग्रेस पार्टी के एक पूर्व पीएम ने ही
योजना आयोग को जोकरों का समूह कहा था। आर्टिकल 356 का दुरुपयोग करीब 100
बार आपने (कांग्रेस) किया। चुनी हुई सरकारों को आपने बर्खास्त करने का काम
किया। इंदिरा गांधी ने 50 बार ऐसा कदम उठाया।
पीएम ने कहा कि 1959 में जब नेहरू पीएम थे और इंदिरा कांग्रेस की
अध्यक्ष थीं….केरल की सरकार को बर्खास्त कर दिया गया। आपने मंत्रिमंडल के
फैसले प्रेस कॉन्फ्रेंस में फाड़ दिए इसलिए कृपा करके मोदी पर उंगली उठाने
से पहले आपको पता होना चाहिए कि चार उंगली आपकी तरफ होती है।’
मोदी के निशाने पर कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे रहे। उन्होंने
अपने भाषण के दौरान कई बार खड़गे का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘खड़गे जी
डिसेंट व्यक्ति हैं लेकिन पता नहीं क्या मजबूरी है कि हर बार डिसेंट…हर बार
डिसेंट।’ इस पर सदन में सत्तापक्ष के सदस्य ठहाका लगाते हुए हंस पड़े।
पीएम ने आगे कहा कि इनकी परेशानी का सबसे बड़ा कारण यह है कि एक गरीब इंसान
जिसने दिल्ली को देखा नहीं था, उसने दिल्ली की सल्तनत को चुनौती दे दी।