सऊदी अरब के प्रिंस को मोदी ने एयरपोर्ट पर रिसीव किया

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन सऊद मंगलवार रात भारत पहुंचे। दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनकी अगवानी की। प्रधानमंत्री ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान 12वीं बार प्रोटोकॉल तोड़कर विदेशी मेहमान की अगवानी की है। क्राउन प्रिंस के दो दिवसीय दौरे में दोनों देशों के बीच सुरक्षा, सहयोग और नौसैनिक अभ्यास जैसे मामलों पर चर्चा होगी। उनका यह दौरा पुलवामा हमले के पांच दिन बाद हो रहा है ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सामने आतंकवाद का मुद्दा भी उठा सकते हैं।

भारत का पक्ष मजबूत

मोदी और क्राउन प्रिंस के बीच डेलीगेशन लेवल की बातचीत होनी है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब, कश्मीर और सीमा पार आतंकवाद के मामले पर पाकिस्तान की बात स्वीकार नहीं कर रहा है। ऐसे में पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों के मामले को भारत पुरजोर तरीके से उठाएगा।

सऊदी की कोशिश- भारत और पाक के बीच तनाव कम हो

क्राउन प्रिंस के दौरे से पहले सऊदी अरब के विदेश मंत्री एडल-अल-जुबैर ने कहा, ‘‘रियाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की कोशिश करेगा, जो पुलवामा हमले के बाद बहुत बढ़ गया है।’’

पांच समझौते होने की उम्मीद
वित्तीय मामलों के सचिव टीएस त्रिमूर्ति ने कहा, प्रिंस के इस दौरे के वक्त दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इनमें निवेश, पर्यटन, हाऊसिंग, सूचना और प्रसारण जैसे क्षेत्र शामिल हैं। 

भारत होगा स्ट्रेटेजिक पार्टनर

त्रिमूर्ति ने कहा, "‘सऊदी अरब ने 14 फरवरी को पुलवामा में भारतीय सुरक्षाबल पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। बीते कुछ सालों में सुरक्षा और आतंकवाद से लड़ने में मिले उनके सहयोग की हम प्रशंसा करते हैं। भारत एक ऐसे स्ट्रेटेजिक पार्टनर के तौर पर सामने आया है, जिनके साथ सऊदी अरब राजनीति, सुरक्षा, व्यापार, निवेश और संस्कृति जैसे मामलों पर बेहतर संबंध स्थापित कर सकता है।’’

सऊदी ने पाक के साथ किया 20 अरब डॉलर का करार

पाकिस्तान की भरभराती अर्थव्यवस्था को आधार मिलने की उम्मीद दिखाई दी है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान के साथ 20 अरब डॉलर (करीब 1 लाख 43 हजार करोड़ रुपए) की डील की है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑइल रिफाइनरी के आठ अरब डॉलर (करीब 57 हजार करोड़ रुपए) की फंडिंग की गई है। सऊदी अरब पाकिस्तान को पहले से ही छह बिलियन डॉलर (करीब 43 हजार करोड़ रुपए) का कर्ज दे चुका है।