राजनयिक मदद के बिना जाधव को कस्टडी में रखे जाने को गैरकानूनी माना जाए- ICJ में भारत

कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में सोमवार से अंतिम सुनवाई शुरू हो चुकी है। चार दिनों तक चलने वाली इस सुनवाई से पहले भारत की तरफ से पेश हुए हरीश साल्वे ने कहा कि आईसीजे से न्याय नहीं मिलेगा तो न्याय के लिए कहां जाएंगे?

बता दें कि 47 वर्षीय जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में फांसी की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान ने उन पर भारत का जासूस होने के आरोप लगाए हैं।

बता दें कि पाकिस्तान मंगलवार को अपना पक्ष रखेगा। 20 फरवरी को दूसरे राउंड में पाकिस्तान द्वारा रखे गए पक्ष पर भारत जवाब देगा। वहीं पाक को यह मौका 21 फरवरी को मिलेगा। कुलभूषण जाधव भारतीय नागरिक हैं, पाक की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई ने जाधव का अपहरण ईरान से किया था।

हरीश साल्वे ने कहा, ’30 मार्च 2016 को भारत ने कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस देने को लेकर पाकिस्तान को रिमाइंडर भेजा था। भारत को पाकिस्तान की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद अलग-अलग तारीखों पर भारत की तरफ से 13 रिमाइंडर भेजे गए।

हरीश साल्वे ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव मामले को प्रोपागांडा टूल की तरह इस्तेमाल कर रहा है। जाधव को काउंसलर एक्सेस देने के लिए पाकिस्तान बाध्य है। पाकिस्तान की सैन्य अदालत में इस मामले में जो ट्रायल हुए उनमें न्यूनतम आदर्शों का पालन भी नहीं किया गया।

हरीश साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान का दावा है कि जाधव को गिरफ्तार किया गया, लेकिन भारत के पास सबूत है कि जाधव का अपहरण किया गया था। राजनयिक मदद दिए बिना जाधव को हिरासत में रखे जाने को गैरकानूनी माना जाए।