पाकिस्तान की पैरवी से बाज नहीं आ रहे सिद्धू, अब अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर कह दी ये बात

पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान पर दिए बयान की वजह से नवजोत सिंह सिद्धू को हर तरफ से विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को पंजाब विधानसभा में अकाली दल ने सिद्धू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अकाली दल के विधायकों ने कांग्रेस से सिद्धू को पार्टी निकालने की मांग करते हुए नारे लगाए।

तो वहीं नवजोत सिंह सिद्धू ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कंधार घटना का जिक्र करते हुए सवाल किया- ‘मैं पूछना चाहता हूं कि 1999 कंधार की घटना में शामिल लोगों को किसने रिहा किया? इसकी जिम्मेदारी किसकी है? हमारी लड़ाई उनके खिलाफ है, आखिर सैनिक शहीद हो रहे हैं? इसका कोई स्थायी समाधान क्यों नहीं हो सकता है?

ऐसे में सिद्धू का ये हमला सीधे तौर पर तब के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर है। चूंकि सिद्धू इस बेहद संवेदनशील मामले पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि अब 56 इंच का सीना कहां है? तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता खासकर कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद तक इस मामले पर सरकार के साथ हैं, लेकिन सिद्धू इसमें भी अलग ही राग अलाप रहे हैं।

जानिए क्या था कंधार अपहरण-

24 दिसंबर 1999 का दिन था। इंडियन एयरलाइंस की फ्लाईट आईसी-814 ने काठमांडू, नेपाल के त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी थी। विमान में कुल मिलाकर 180 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। विमान एयरबस ए300 था. जैसे ही विमान करीब शाम के साढे 5 बजे भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तभी बंदूकधारी आतंकियों ने विमान का अपहरण कर लिया। और वे विमान को अमृतसर, लाहौर और दुबई होते हुए कंधार, अफगानिस्तान ले गए।

ये थी भारत सरकार से आतंकियों की मांग

अपहरणकर्ताओं ने शुरू में भारतीय जेलों में बंद 35 उग्रवादियों की रिहाई और 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर नगद देने की मांग की थी। इधर, भारत में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, गृह मंत्री लाल कृष्ण आड़वाणी और विदेश मंत्री जसवंत सिंह समेत समूची सरकार आतंकियों की मांग पर विचार विमर्श कर रही थी, लेकिन आतंकी इससे कम पर मानने को तैयार नहीं थे।

तीन कुख्यात आतंकी किए गए थे रिहा

समझौता होने के बाद उस दौर में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के विदेश मंत्री जसवंत सिंह खुद उन तीन कुख्यात आतंकियों को लेकर कंधार के लिए रवाना हो गए थे, वे कंधार हवाई अड्डे पर पहुंचे और वहां आतंकी मौलाना मसूद अजहर, अहमद ज़रगर और शेख अहमद उमर सईद को रिहा कर दिया गया। तीनों आतंकियों के रिहा होते ही विमान संख्या आईसी-814 में बंधक बनाए गए सभी यात्रियों को रिहा कर दिया गया।