हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं, जहां
महाराष्ट्र में NDA को सत्ता बनाने के लिए पूर्ण बहुमत मिल गया है वहीं
हरियाणा में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाया है। हालांकि भाजपा को
सबसे अधिक सीटें मिली है।
बता दें कि हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें है, जिसमें सरकार बनाने
के लिए 46 सीटें चाहिए। चुनाव नतीजों में भाजपा को 40, कांग्रेस को 31,
जेजेपी(जननायक जनता पार्टी) को 10 और निर्दलीय विधायकों को 9 सीटें मिली
हैं। इसको देखते माना जा रहा है कि भाजपा फिर से हरियाणा में सरकार बनाने
में सफल होगी।
हरियाणा के नतीजों में सबसे खास बात रही कि सालभर पहले ही पारिवारिक
विवाद के बाद इनेलो से अलग होकर दुष्यंत चौटाला ने पार्टी गठित की थी।
जेजेपी ने पहली ही बार में 10 सीटों पर जीत हासिल कर ली। नतीजों के बाद
जजपा को किंगमेकर की भूमिका में देखा जा रहा था। हालांकि भाजपा को सात में
से छह निर्दलीयों का समर्थन मिलने के बाद जेजेपी का चमत्कारिक प्रदर्शन भी
उसे कुछ खास फायदा दिलाता नहीं दिख रहा है।
गुरुवार को आए विधानसभा चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए अनुमानों से कमतर
रहे, लेकिन पार्टी दोनों राज्यों में सरकार बनाने जा रही है। हरियाणा में
90 में से 40 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी भाजपा को छह निर्दलीयों का
समर्थन मिला है। जिससे सरकार बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
वहीं महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना गठबंधन को 288 में से 161 सीटों
पर जीत के साथ स्पष्ट बहुमत मिला है। भाजपा नेतृत्व ने भी दोनों राज्यों
में अपने मुख्यमंत्रियों पर भरोसा जताया है। जीत के बाद प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने भी हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर और महाराष्ट्र में
देवेंद्र फड़नवीस को फिर कमान सौंपने की पुष्टि की है। मनोहर लाल शुक्रवार
को राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।