पुलिसकर्मियों पर तलवार से हमला करने वाले 7 निहंग सिख गिरफ्तार, गुरुद्वारे में मिले हथियार

पटियाला में पुलिस वालों पर हमला करने के मामले में सात निहंग सिखों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके साथ ही पुलिस ने पटियाला के बलबेड़ा गांव के गुरुद्वारे से हथियार भी बरामद किए हैं. बता दें कि निहंगों को पकड़ने के कमांडो ऑपरेशन चलाया गया. जब पुलिस गुरुद्वारे पहुंची और निहंगो को बाहर आने को कहा तो उन्होंने हमला कर दिया. गुरुद्वारे के अंदर से गोली चलाई गई. जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई और इसमें एक निंहग सिख घायल हो गया. अंत में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद तलाशी के दौरान पुलिस को गुरुद्वारे में भारी मात्रा में हथियार मिले है. जिसमें पेट्रोल बम भी था.


Coronavirus 7 Nihang Sikhs who attacked policemen with arrested arms found in gurdwara

पंजाब विशेष मुख्य सचिव के.बी.एस. सिद्धू ने ऑपरेशन के बारे में बताया है, '' 7 निहंगों को गांव बलबेरा के गुरुद्वारे से गिरफ्तार किया गया है. इनमें से एक पुलिस फायरिंग में घायल हो गया था जिसे अस्पताल ले जाया गया. जब पुलिस ने इन्हें पकड़ने गई तो इन्होंने गुरुद्वारे के अंदर से फायरिंग की. ये ऑपरेशन I.G. पटियाला जोन जतिंदर सिंह औलख की देख-रेख में हुआ.''

क्या है पूरा मामला

रविवार सुबह शाही शहर पटियाला की सनौर सब्जी मंडी के पास निहंग सिखों की पुलिस वालों से तकरार हो गई, जिसके चलते गुस्से में आए निहंग सिंखों ने पुलिस वालों के ऊपर तलवारों से हमला कर दिया. इस हमले में एक एएसआई का हाथ काट दिया गया. वहीं अन्य तीन और पुलिसकर्मियों को जख्मी भी कर दिया गया.
दरअसल पटियाला सब्ज़ी मंडी के बाहर लगे पुलिस नाके पर पास मांगने को लेकर चार निहंगों ने पुलिस पर यह हमला किया. पुलिस नाके को अपनी गाड़ी से उन्होंने उड़ा दिया. पुलिस ने जब उनकी गाड़ी घेरी तो उन्होंने तलवारों और धारदार हथियारों से SHO समेत चार पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया. इसके बाद पुलिस ने इनका पीछा किया और फिर पटियाला के बलबेड़ा गांव के गुरुद्वारे से सबको गिरफ्तार किया गया.

कौन होते हैं  निहंग सिख 

दरअसल निहंगों को उनके आक्रामक व्यक्तित्व के लिए जाना जाता है. परंपरागत हथियार रखने वाले सिखों को ही निहंग सिख माना जाता है. कहा जाता है कि ऐसे सिख पूर्ण रूप से दसम गुरुओं के आदेशों के लिए हर समय तत्पर रहते हैं. दसम गुरुओं के काल में ये सिख गुरु साहिबानों के प्रबल प्रहरी होते थे. इन सिखों के बारे में ये भी बताया जाता है कि सिख धर्म पर हमला हो जाए तो ये निहंग सिख उस समय अपनी जिंदगी की परवाह किए बिना "सिख" और "गुरु ग्रंथ साहिब" की आखिरी सांस तक रक्षा करते हैं.

अपने धर्म के लिए हर समय समर्पित होते हैं निहंग सिख

निहंग सिख अपने धर्म के लिए हर समय समर्पित होते हैं और आम सिखों को मानवता का विशेष ध्यान रखने की ओर प्रेरित करते रहते हैं., निहंग सिखों के धर्म चिन्ह आम सिखों की अपेक्षा मज़बूत और बड़े होते हैं. जन्म से लेकर जीवन के अंत तक जितने भी जीवन संस्कार होते हैं, सिख धर्म के अनुसार ये उनका प्रेम से निर्वहन करते हैं.