सुप्रीम कोर्ट ने पीएम केयर्स फंड को घोटाला बताने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई की और याचिका खारिज कर दी। इसी के साथ सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील मनोहर लाल शर्मा को कोर्ट ने फटकार भी लगाई।

मनोहर लाल शर्मा ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। जिसपर कोर्ट का कहना है कि ये याचिका पूरी तरह से गलत है। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने कहा कि यह कोई टैक्स वसूली का मामला नहीं है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम आपके ऊपर कॉस्ट भी लगा सकते हैं।

दरअसल, वकील एमएल शर्मा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पीएम केअर्स को लेकर दायर याचिका में कहा गया था कि इसका गठन बिना किसी अध्यादेश या फिर गैजेट के आधार पर हुआ, बस सरकार ने एक नोटिफिकेशन निकाला और प्रधानमंत्री ने लोगों से मदद मांग ली, इसके अलावा ट्रस्ट के ट्रस्टी जानने की बात भी की गई और काम करने के तौर-तरीके के बारे में पूछा था।
वकील एमएल शर्मा के अलावा कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर भी पीएम-केयर्स फंड पर सवाल उठा चुके हैं।

बता दें कि इस महामारी के खिलाफ देश में जंग जारी है। सरकार इससे लड़ने के लिए कई कदम उठा रही है। ऐसे मुश्किल समय में लोग मदद के लिए आगे आ सकें, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘PM-Cares Fund’ की शुरुआत की। जिसमें कई सेलिब्रिटी, उद्योगपतियों से लेकर आम लोगों ने अपना योगदान दिया।