महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को शुक्रवार को चुनाव आयोग से बड़ी राहत मिली है। राज्य में विधान परिषद के चुनाव 21 मई को मुंबई में होंगे। चुनाव आयोग ने इसका ऐलान किया। इससे पहले आयोग ने विधान परिषद की रिक्त सीटों पर विशिष्ट दिशानिर्देशों के साथ चुनाव कराने को मंज़ूरी दे दी थी। आयोग ने शुक्रवार को ट्विटर पर यह जानकारी दी थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के अनुरोध पर आयोग ने कोरोना संकट के मद्देनज़र चुनाव कराने पर लगाई गई पाबंदी में विशेष परिस्थितियों का हवाला देते हुए ढील देने का फ़ैसला किया।

आयोग ने ट्वीट कर कहा कि महाराष्ट्र विधान परिषद की रिक्त सीटों पर कोरोना के मद्देनज़र विशिष्ट दिशानिर्देशों के तहत चुनाव कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ये सीटें 24 अप्रैल को रिक्त हुई हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के राज्य विधानमंडल का सदस्य बनने की संवैधानिक अनिवार्यता को देखते हुए आयोग ने यह फ़ैसला किया है।
Elections to the Legislative Council (MLCs) in Maharashtra will be conducted on May 21 in Mumbai: Election Commission of India (ECI) twitter.com/ANI/status/125…
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आयोग के इस फ़ैसले से उद्धव ठाकरे के लिए वाया विधान परिषद, विधायक बनने का रास्ता साफ़ हो जाएगा। संविधान के मुताबिक़ उनके लिए मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के छह महीने के भीतर विधान मंडल के किसी सदन का सदस्य बनने की अनिवार्य समयसीमा इस महीने के अंत में समाप्त हो रही है।
कोरोना संकट के कारण विधान सभा की किसी सीट पर उपचुनाव संभव नहीं होने के कारण ठाकरे ने राज्यपाल कोटे की विधान परिषद सीट पर उन्हें मनोनीत करने का कोश्यारी से अनुरोध किया था। राज्य विधान परिषद में राज्यपाल कोटे की दो सीट सुरक्षित हैं। हालाँकि राज्यपाल ने ठाकरे को मनोनीत करने के बजाय आयोग से विधान परिषद की रिक्त सीटों पर चुनाव कराने का अनुरोध किया है।
